APAAR ID की अनिवार्यता खत्म:पेरेंट्स को मिलेगा हां या ना का विकल्प, देशभर में ओडिशा हाईकोर्ट का फैसला लागू

Mandatory requirement for APAAR ID removed : सुप्रीम कोर्ट ने Central Board of Secondary Education (CBSE) को निर्देश दिया है कि छात्रों की APAAR ID प्रक्रिया में माता-पिता को शुरुआत में ही ‘हां’ या ‘ना’ (Opt-out) कहने का स्पष्ट विकल्प दिया जाए तथा ओडिशा हाईकोर्ट के इस फैसले को देशभर में लागू किया जाए

क्या है APAAR योजना?

क्या है APAAR योजना? केंद्र सरकार ने 29 जुलाई 2023 को ‘वन स्टूडेंट, वन यूनिक आईडी’ पहल के तहत APAAR योजना शुरू की थी। इस योजना का उद्देश्य प्रत्येक छात्र को आधार से जुड़ी एक स्थायी डिजिटल अकादमिक पहचान (Academic ID) प्रदान करना है, ताकि उसके शैक्षणिक रिकॉर्ड और उपलब्धियों का जीवनभर डिजिटल रूप से सुरक्षित और एकीकृत रिकॉर्ड रखा जा सके।

मुख्य बातें और निर्देश

  • स्वेच्छिक प्रक्रिया: अपार आईडी पूरी तरह से वैकल्पिक है, और स्कूलों द्वारा इसे जबरन अनिवार्य नहीं बनाया जा सकता |
  • सहमति फॉर्म में बदलाव: सहमति पत्र में अब अभिभावकों के लिए योजना से दूर रहने (Refusal) का साफ विकल्प होना जरूरी है|
  • सुविधाओं से वंचित नहीं करना: यदि कोई पेरेंट्स आईडी नहीं बनवाना चाहते, तो छात्र को शिक्षा, परीक्षा रजिस्ट्रेशन या एडमिशन से नहीं रोका जा सकता |

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